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Sant Shiromani Guru GhasidasRaja Guru Balakdas18 दिसम्बर 1756 को जन्मे गुरू घासीदास ने, सन्त कबीर के कर्म भूमि छत्तीसगढ़ में, बौद्धिक क्रान्ति का उद्घोष कर, पहले बार जातिविहीन सतनाम पन्थ उद्गार किया। आपके सुपुत्र महान प्रतापी एवं बलिदानी राजा गुरू बालकदास का जन्म भादों कृष्णपक्ष अष्टमी को हुआ पूरा छत्तीसगढ़ उनकी याद में सतनाम दिवस के रूप में जन्माष्टमी मनाते हैं। वे जन आन्दोलन के तहत 28 मार्च 1860 को सवर्ण हत्यारों के हाथों, औराबांधा में जनहित के लिए कुर्बान हो गये। आओ उन्हें नमन करें और उनके ‘सतनाम आन्दोलन’ को संपूर्ण भारत भूमि व विश्व में जन–जन तक फैलाकर महान सन्त गुरूओं के सपना पूरा करें। 31 मार्च संकल्प रैली –चलो मुंगेली गुरू बालकदास को श्रद्धा सुमन अर्पित करने।